चाणक्य नीति , धन संचय के लिए चाणक्य नीति !चाणक्य की ईन बातो का ध्यान रखे तो मिलेगा अपार धन,नही रहेगी धन की समस्या
चाणक्य की इन बातो का ध्यान रखे तो मिलेगा अपार धन,नही रहेगी धन की समस्या :
चाणक्य की इन बातो को मान लिया तो भविष्य मे नहीं होंगी धन की दिक्कत !
चाणक्य ने धन यानि पैसो को लेकर चाणक्य ने धन ko संरक्षित रखने के उपाए बताये और उसके sahi इस्तेमाल के लिए कई बातें लिखी है
कुशल अर्थ शास्त्री रहे चाणक्य की नीतियां
मानव जीवन को सफल बनाने मे काफ़ी मददगार सिद्ध होती है उन्होंने धर्म संस्कृति न्याय अर्थ और rajniti समेत कई मुद्दो पर अपने विचारों को चाणक्य नीति मे समाहित किया है उनकी नीतियों मे समस्याओं का समाधान मिलता है उनके बताये रास्तो पर चल कर मनुष्य कठिन से कठिन परिस्थिति से निकल जाता है
आईये अब उन बातो पर प्रकाश डालते है जो चाणक्य ने धन के सम्वन्ध मे कही है
1. चाणक्य कहते है की मनुष्य के लिए धन का संचय करना बहुत जरूरी है बुरे समय के लिए पैसो ko बचा kar रखने वाला व्यक्ति बुद्धिमान कहलाता है इन्हे संकट के समय परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता है
इसके विपरीत जो विलासिता मै लगे रहते है वो बुरे समय मै खाली हाथ रह जाते है
2. पैसा जीवन मे संतुलन बनाये रखता है इसलिए इसका इस्तेमाल सावधानी पूर्वक साधन के रूप मे करना चाहिए चाणक्य कहते है की ऐसा धन किसी काम का नहीं जिसे पाने के लिए धर्म त्यागना पड़े और दुश्मन के आगे पीछे घूमना पड़े
3. दुश्मन से भी ख़तरनाक होते है ऐसे मित्र चाणक्य ke अनुसार बड़ी सावधानी पूर्वक करें सच्चे मित्र की पहचान
चाणक्य कहते है की धन अर्जित करने के लिए मनुष्य को लक्ष्य साधना चाहिए लक्ष्य निर्धारित ना होने पर सफलता पास होते हुए bhi हाथ से निकल जाती है इसलिए कभी भी अपनी योजनाओं ki चर्चा किसी se ना करें और काम पर ध्यान लगा कर ही आगे बढ़ना सफलता की कुंजी है
5. चाणक्य ने धन ko बचाने का सबसे बड़ा उपाए उसे खर्च करना बताया है उनके अनुसार एक तालाब या बर्तन
मे रखा पानी एक समय बाद ख़राब हो जाता है ऐसी प्रकार बंद पड़ा धन भी एक समय बाद ख़राब hi jaata है प्रयोग मै नहीं आता है इसी लिए धन का प्रयोग निवेश, दान और सुरक्षा पर करते रहना चाहिए
चाणक्य की इन बातो को मान लिया तो भविष्य मे नहीं होंगी धन की दिक्कत !
चाणक्य ने धन यानि पैसो को लेकर चाणक्य ने धन ko संरक्षित रखने के उपाए बताये और उसके sahi इस्तेमाल के लिए कई बातें लिखी है
कुशल अर्थ शास्त्री रहे चाणक्य की नीतियां
मानव जीवन को सफल बनाने मे काफ़ी मददगार सिद्ध होती है उन्होंने धर्म संस्कृति न्याय अर्थ और rajniti समेत कई मुद्दो पर अपने विचारों को चाणक्य नीति मे समाहित किया है उनकी नीतियों मे समस्याओं का समाधान मिलता है उनके बताये रास्तो पर चल कर मनुष्य कठिन से कठिन परिस्थिति से निकल जाता है
आईये अब उन बातो पर प्रकाश डालते है जो चाणक्य ने धन के सम्वन्ध मे कही है
1. चाणक्य कहते है की मनुष्य के लिए धन का संचय करना बहुत जरूरी है बुरे समय के लिए पैसो ko बचा kar रखने वाला व्यक्ति बुद्धिमान कहलाता है इन्हे संकट के समय परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता है
इसके विपरीत जो विलासिता मै लगे रहते है वो बुरे समय मै खाली हाथ रह जाते है
2. पैसा जीवन मे संतुलन बनाये रखता है इसलिए इसका इस्तेमाल सावधानी पूर्वक साधन के रूप मे करना चाहिए चाणक्य कहते है की ऐसा धन किसी काम का नहीं जिसे पाने के लिए धर्म त्यागना पड़े और दुश्मन के आगे पीछे घूमना पड़े
3. दुश्मन से भी ख़तरनाक होते है ऐसे मित्र चाणक्य ke अनुसार बड़ी सावधानी पूर्वक करें सच्चे मित्र की पहचान
चाणक्य कहते है की धन अर्जित करने के लिए मनुष्य को लक्ष्य साधना चाहिए लक्ष्य निर्धारित ना होने पर सफलता पास होते हुए bhi हाथ से निकल जाती है इसलिए कभी भी अपनी योजनाओं ki चर्चा किसी se ना करें और काम पर ध्यान लगा कर ही आगे बढ़ना सफलता की कुंजी है
5. चाणक्य ने धन ko बचाने का सबसे बड़ा उपाए उसे खर्च करना बताया है उनके अनुसार एक तालाब या बर्तन
मे रखा पानी एक समय बाद ख़राब हो जाता है ऐसी प्रकार बंद पड़ा धन भी एक समय बाद ख़राब hi jaata है प्रयोग मै नहीं आता है इसी लिए धन का प्रयोग निवेश, दान और सुरक्षा पर करते रहना चाहिए
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